SVAMITVA Scheme (SVAMITVA – Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य ड्रोन तकनीक के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर और जमीन का कानूनी मालिकाना हक देना है।
इस योजना से न केवल ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार मिलता है, बल्कि भूमि विवाद सुलझाने, बैंक ऋण लेने और गांवों की बेहतर योजना बनाने में भी मदद मिलती है।
इस लेख में हम जानेंगे कि SVAMITVA योजना क्या है, इसमें ड्रोन की क्या भूमिका है, इसके लाभ, पात्रता और ग्रामीण लोग अपना प्रॉपर्टी कार्ड कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) क्या है?
SVAMITVA योजना का पूरा नाम है –
Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas
इसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर शुरू किया था। पहले इसे 9 राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया और सफलता के बाद वर्ष 2021 से पूरे देश में लागू किया गया।
नोडल मंत्रालय: पंचायती राज मंत्रालय
सहयोगी संस्थाएं:
- राज्य राजस्व / पंचायती राज विभाग
- सर्वे ऑफ इंडिया (ड्रोन सर्वे के लिए)
- राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र – NIC (तकनीकी सहयोग)
🎯 योजना का मुख्य फोकस
यह योजना केवल गांव की आबादी (आवासीय) भूमि पर लागू होती है।
👉 इसमें कृषि भूमि या शहरी संपत्तियां शामिल नहीं हैं।
ग्रामीण भारत में वर्षों से लोग अपने पुश्तैनी घरों में रहते आ रहे हैं, लेकिन उनके पास कोई पक्का कानूनी दस्तावेज नहीं था। SVAMITVA योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को उनके घर की “रिकॉर्ड ऑफ राइट्स” यानी मालिकाना हक का प्रमाण देना है।
सरकार ने इस योजना को वित्त वर्ष 2025-26 तक बढ़ा दिया है ताकि देश के लगभग 6.6 लाख गांवों को कवर किया जा सके।
🎯स्वामित्व योजना के उद्देश्य
1️⃣ ग्रामीण परिवारों को कानूनी मालिकाना हक देना
कई दशकों से गांवों में लोग बिना किसी कानूनी कागज के अपने घरों में रह रहे थे। स्वामित्व योजना के तहत उन्हें प्रॉपर्टी कार्ड दिया जाता है, जिससे यह प्रमाणित होता है कि वह घर या भूखंड उन्हीं का है। इससे उनके अधिकार सुरक्षित होते हैं।
2️⃣ भूमि विवादों को कम करना
सीमाओं की अस्पष्टता के कारण गांवों में अक्सर झगड़े और मुकदमे होते रहते हैं। ड्रोन सर्वे से सटीक नक्शे बनते हैं, जिससे:
- सीमाएं साफ होती हैं
- गलतफहमियां दूर होती हैं
- लंबे समय के विवाद कम होते हैं
3️⃣ संपत्ति को वित्तीय संपत्ति बनाना
अब तक ग्रामीण लोग अपने घर को गिरवी रखकर लोन नहीं ले सकते थे।
लेकिन प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद वे:
- बैंक से ऋण ले सकते हैं
- खेती या व्यवसाय के लिए पूंजी जुटा सकते हैं
- घर सुधार या नया काम शुरू कर सकते हैं
यह वित्तीय समावेशन और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देता है।
4️⃣ गांवों की बेहतर योजना और विकास
सटीक नक्शों से पंचायत और प्रशासन को मदद मिलती है:
- सड़क, नाली, पानी, बिजली
- स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र
- इंटरनेट व अन्य सुविधाओं की योजना बनाने में
विकास कार्य तेजी और पारदर्शिता से हो पाते हैं।
5️⃣ आधुनिक तकनीक से सटीक रिकॉर्ड बनाना
ड्रोन और GIS तकनीक से:
- पूरे गांव की हाई-रेजोल्यूशन मैपिंग
- डिजिटल रिकॉर्ड तैयार
- भविष्य में आसानी से अपडेट
इससे भूमि प्रशासन आधुनिक और पारदर्शी बनता है।
स्वामित्व योजना में ड्रोन की भूमिका

ड्रोन इस योजना की रीढ़ हैं। इनके बिना इतनी तेज और सटीक मैपिंग संभव नहीं।
📸 हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें लेना
ड्रोन गांव के ऊपर उड़कर घरों, गलियों और प्लॉट्स की बेहद साफ तस्वीरें लेते हैं। हर छत और हर संरचना स्पष्ट दिखती है।
🗺️ डिजिटल नक्शे तैयार करना
इन तस्वीरों को GIS और फोटोग्रामेट्री सॉफ्टवेयर से जोड़कर गांव के डिजिटल नक्शे बनाए जाते हैं, जिनमें हर संपत्ति का आकार और स्थान दर्ज होता है।
📐 सीमाएं तय करना
ड्रोन डेटा के आधार पर हर घर की सीमा तय की जाती है। फिर गांव में जाकर लोगों से पुष्टि कराई जाती है ताकि कोई गलती न रहे।
🔗 भूमि रिकॉर्ड से जोड़ना
तैयार नक्शों को राज्य के भूमि रिकॉर्ड सिस्टम से जोड़ा जाता है और हर संपत्ति को मालिक के नाम से लिंक किया जाता है।
⚡ तेज, पारदर्शी और सटीक प्रक्रिया
पारंपरिक सर्वे में महीनों लग जाते थे, जबकि ड्रोन से:
- कुछ ही दिनों में काम पूरा
- मानवीय गलती कम
- तस्वीरों से पारदर्शिता
- रिकॉर्ड जल्दी अपडेट
स्वामित्व योजना की मुख्य विशेषताएं
✔️ ड्रोन आधारित गांव का सर्वे
✔️ प्रॉपर्टी कार्ड जारी करना
✔️ डिजिटल GIS नक्शे
✔️ लाखों गांवों का कवरेज
✔️ राज्य भूमि रिकॉर्ड से एकीकरण
✅ स्वामित्व योजना के लाभ

👨👩👧👦ग्रामीणों के लिए:
- संपत्ति का कानूनी प्रमाण
- बैंक लोन लेना आसान
- पड़ोसियों से विवाद कम
- संपत्ति का मूल्य और सुरक्षा बढ़ती है
🏛️सरकार के लिए:
- बेहतर कर निर्धारण
- ग्रामीण योजना में मदद
- सटीक भूमि डेटाबेस
- आपदा प्रबंधन में सहायक
👥स्वामित्व योजना के कौन पात्र हैं?
✔️ गांव की आबादी क्षेत्र में घर रखने वाले निवासी
✔️ जिनका गांव ड्रोन सर्वे में कवर हुआ हो
✔️ राज्य के अनुसार प्रक्रिया में थोड़ा अंतर हो सकता है
📝प्रॉपर्टी कार्ड कैसे जारी होता है?
1️⃣ ड्रोन सर्वे
सबसे पहले गांव की आबादी का ड्रोन से सर्वे किया जाता है।
2️⃣ ड्राफ्ट नक्शे प्रदर्शित
ड्रोन डेटा से बने अस्थायी नक्शे पंचायत या सार्वजनिक स्थान पर लगाए जाते हैं।
3️⃣ आपत्तियां दर्ज़ करना
अगर किसी को सीमा या नाम में गलती लगे तो वह आपत्ति दर्ज करा सकता है। अधिकारी मौके पर जांच करते हैं।
4️⃣ अंतिम नक्शों की मंजूरी
सभी आपत्तियों के समाधान के बाद नक्शे फाइनल होते हैं।
5️⃣ प्रॉपर्टी कार्ड वितरण
हर मालिक को उसका कार्ड दिया जाता है, जिसमें होता है:
- नाम
- संपत्ति ID
- क्षेत्रफल व सीमा
- मैप संदर्भ
6️⃣ ऑनलाइन उपलब्धता
कई राज्यों में ये कार्ड भूमि रिकॉर्ड पोर्टल पर ऑनलाइन भी उपलब्ध होते हैं।

कार्यान्वयन की स्थिति
योजना चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू हो रही है। कई राज्यों में लाखों कार्ड वितरित हो चुके हैं और बाकी गांवों में कार्य जारी है।
स्वामित्व योजना का प्रभाव
✔️ ग्रामीण संपत्ति अधिकार मजबूत
✔️ वित्तीय समावेशन बढ़ा
✔️ भूमि प्रशासन में पारदर्शिता
✔️ शासन में आधुनिक तकनीक का उपयोग
❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. SVAMITVA योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Ans- ग्रामीण आवासीय संपत्तियों को कानूनी मालिकाना हक देना।
Q2. क्या SVAMITVA योजना शहरों में लागू है?
Ans- नहीं, यह केवल गांव की आबादी क्षेत्रों के लिए है।
Q3. क्या SVAMITVA योजना से बना प्रॉपर्टी कार्ड कानूनी रूप से मान्य है?
Ans- हां, राज्य सरकारें इसे कानूनी प्रमाण मानती हैं।
Q4. SVAMITVA योजना से बना प्रॉपर्टी कार्ड कैसे मिलेगा?
Ans- पंचायत या राज्य भूमि रिकॉर्ड पोर्टल से।
Q5. क्या SVAMITVA योजना लिए कोई शुल्क देना होता है?
Ans- सामान्यतः नहीं, यह सरकार द्वारा निःशुल्क है।
निष्कर्ष
स्वामित्व योजना ने भारत में ग्रामीण भूमि व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव लाया है। ड्रोन तकनीक और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए यह योजना उन लाखों परिवारों को पहचान और सुरक्षा दे रही है, जो पीढ़ियों से बिना कागज के अपने घरों में रह रहे थे।
प्रॉपर्टी कार्ड मिलने से न केवल उनका अधिकार मजबूत हुआ है, बल्कि अब वे अपने घर को आर्थिक संसाधन की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं — लोन ले सकते हैं, व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और जीवन स्तर सुधार सकते हैं।
साथ ही, सटीक डिजिटल नक्शों से गांवों की योजना और विकास आसान हुआ है। विवाद कम हुए हैं और शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनी है।
यदि यह योजना निरंतर अपडेट होती रही, तो स्वामित्व भारत के ग्रामीण विकास की रीढ़ बन सकती है — एक ऐसा आधार जो सुरक्षित, समृद्ध और डिजिटल ग्रामीण भारत की दिशा में ले जाएगा।
👉 क्या आपके गांव में स्वामित्व योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड मिले हैं?
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