2025 में भारत में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए ड्रोन इंश्योरेंस (Drone Insurance for Photography and Videography in India) हवाई इमेजिंग की तेज़ी से बदलती दुनिया में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। ड्रोन तकनीक के इस बढ़ते युग में, भारत के फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर आसमान से शानदार दृश्य कैद करने के लिए मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) पर तेजी से निर्भर हो रहे हैं। चाहे वह शादी की शूटिंग हो, रियल एस्टेट सर्वे हो या सिनेमैटिक प्रोडक्शन—ड्रोन बेजोड़ दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।
लेकिन जहां सुविधाएं है, वहां जोखिम भी हैं—दुर्घटनाएं, उपकरणों का नुकसान, थर्ड-पार्टी देनदारी और नियामकीय अनुपालन। यही कारण है कि भारत में फोटोग्राफी के लिए ड्रोन बीमा अनिवार्य हो गया है। सख्त नियमों और ड्रोन के बढ़ते व्यावसायिक उपयोग के कारण 2025 में एरियल फोटोग्राफी इंश्योरेंस की मांग में भारी वृद्धि हुई है।
यह विस्तृत गाइड ड्रोन फोटोग्राफर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ इंश्योरेंस, प्रमुख प्रदाताओं, कवरेज विकल्पों और जरूरी बातों पर प्रकाश डालती है। हम यह भी समझेंगे कि भारत में ड्रोन वीडियोग्राफी इंश्योरेंस केवल सुरक्षा नहीं बल्कि टिकाऊ व्यवसाय संचालन की आवश्यकता क्यों है। भारत का ड्रोन बाजार 2025 तक $1.81 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें मीडिया और एंटरटेनमेंट जैसे सेक्टर बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में अपने उपकरण और संचालन को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। DGCA और प्रमुख बीमाकर्ताओं के नवीनतम अपडेट्स के आधार पर, यह लेख आपको व्यावहारिक जानकारियां प्रदान करेगा।
भारत में ड्रोन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का उदय
ड्रोन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी ने भारत के रचनात्मक उद्योगों को पूरी तरह बदल दिया है। राजस्थान के रेगिस्तान के रंगों को कैद करने से लेकर बॉलीवुड के एक्शन सीक्वेंस तक—ड्रोन वह दक्षता और रचनात्मकता प्रदान करते हैं जो पारंपरिक तरीकों से संभव नहीं।
FICCI की 2025 रिपोर्ट के अनुसार, केवल मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में ही पिछले वर्ष ड्रोन उपयोग में 25% की वृद्धि हुई। शादी की फोटोग्राफी में ड्रोन सिनेमैटिक टच जोड़ते हैं और कॉर्पोरेट वीडियोग्राफी में प्रमोशनल वीडियो के लिए इनका व्यापक उपयोग हो रहा है।
हालांकि चुनौतियां भी हैं। तकनीकी खराबी, मौसम या ऑपरेटर की गलती से ड्रोन क्रैश हो सकते हैं, जिनकी मरम्मत पर हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं। थर्ड-पार्टी नुकसान—जैसे किसी व्यक्ति या संपत्ति को चोट—कानूनी समस्याएं पैदा कर सकता है। मुंबई या दिल्ली जैसे शहरी क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन ₹1 लाख तक के जुर्माने का कारण बन सकता है।
2025 में AI और 5G के एकीकरण से ड्रोन और भी स्मार्ट लेकिन महंगे हो गए हैं—जैसे DJI Mavic 3 Cine जिसकी कीमत ₹2 लाख से अधिक है। बिना बीमा ऐसे निवेश का नुकसान किसी छोटे व्यवसाय को पंगु बना सकता है। अब तो ग्राहक भी सेवा लेने से पहले बीमा प्रमाण मांगते हैं।
भारत में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए ड्रोन इंश्योरेंस की आवश्यकता (Need of Drone Insurance for Photography and Videography)
ड्रोन फोटोग्राफर्स और वीडियोग्राफर्स के लिए बीमा कोई विकल्प नहीं, बल्कि जीवनरेखा है। 2025 में एरियल फोटोग्राफी इंश्योरेंस इस क्षेत्र की विशिष्ट कमजोरियों को कवर करता है।
उदाहरण: किसी रियल एस्टेट शूट के दौरान आपका ड्रोन बिजली की लाइन से टकरा जाए, कैमरा टूट जाए और किसी राहगीर को चोट लग जाए—बिना बीमा के आपको मरम्मत, मेडिकल और कानूनी खर्च खुद उठाने पड़ेंगे।
ड्रोन वीडियोग्राफी इंश्योरेंस के प्रमुख लाभ:
- दुर्घटनाओं से वित्तीय सुरक्षा: बैटरी फेल, सिग्नल इंटरफेरेंस या बर्ड स्ट्राइक जैसी घटनाएं आम हैं। बेसिक पॉलिसी ₹4,000/वर्ष से शुरू होती है।
- थर्ड-पार्टी देनदारी: आबादी वाले क्षेत्रों में शूटिंग के लिए बेहद जरूरी। संपत्ति नुकसान के लिए ₹7.5 लाख तक और शारीरिक चोट/मृत्यु के लिए असीमित कवरेज।
- पेलोड सुरक्षा: हाई-एंड कैमरा और गिंबल को कवर करता है, जिनकी कीमत ₹50,000–₹1 लाख हो सकती है।
- नियामकीय अनुपालन: DGCA के अनुसार 250 ग्राम से अधिक वाणिज्यिक ड्रोन के लिए थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य है।
- बिजनेस निरंतरता: 24 घंटे में सर्वे जैसी त्वरित क्लेम प्रक्रिया से डाउनटाइम कम होता है।
IRDAI की 2025 रिपोर्ट के अनुसार ड्रोन से जुड़े क्लेम में 40% की वृद्धि हुई है, जिनमें अधिकांश व्यावसायिक उपयोग से जुड़े हैं।
DGCA नियम – 2025

DGCA ड्रोन संचालन को नियंत्रित करता है।
- ड्रोन वर्गीकरण:
- नैनो (<250g)
- माइक्रो (250g–2kg)
- स्मॉल (2–25kg)
- मीडियम (25–150kg)
- लार्ज (>150kg)
- बीमा अनिवार्यता: 250g से ऊपर सभी व्यावसायिक ड्रोन के लिए थर्ड-पार्टी बीमा जरूरी।
- पायलट योग्यता: DGCA से मान्यता प्राप्त RPC अनिवार्य। लागत ₹10,000–₹50,000।
- ऑपरेशन नियम: अधिकतम ऊंचाई 120m, VLOS, नो-फ्लाई ज़ोन, नाइट फ्लाइंग के लिए विशेष अनुमति।
- दंड: बिना बीमा संचालन पर ₹1 लाख तक जुर्माना।
ड्रोन इंश्योरेंस कवरेज के प्रकार
- थर्ड-पार्टी देनदारी (अनिवार्य)
- हल कवरेज (ड्रोन बॉडी)
- पेलोड कवरेज (कैमरा/सेंसर)
- पर्सनल एक्सीडेंट
- ऐड-ऑन: BVLOS, नाइट फ्लाइंग, ट्रांजिट, ट्रेनिंग कवर
प्रीमियम: ₹4,000 से ₹25,000 तक।
📌 2025 रैंकिंग के आधार पर भारत में ड्रोन वीडियोग्राफी इंश्योरेंस के प्रमुख प्रदाता

2025 में ड्रोन वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के लिए इंश्योरेंस लेने वाले प्रोफेशनल्स के बीच कुछ कंपनियाँ अपनी विश्वसनीयता, कवरेज विकल्प और तेज़ क्लेम प्रोसेस के कारण सबसे आगे हैं। नीचे भारत के प्रमुख ड्रोन इंश्योरेंस प्रदाताओं का विवरण दिया गया है:
🛩️ TropoGo
TropoGo भारत का प्रमुख ऑनलाइन ड्रोन इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म है, जो TATA AIG, Bajaj Allianz, IFFCO Tokio और National Insurance जैसी बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी में काम करता है। यह विशेष रूप से उन फोटोग्राफर्स और वीडियोग्राफर्स के लिए आदर्श है जो लचीले “पे-एज़-यू-फ्लाई” मॉडल (घंटे/दिन के आधार पर भुगतान) चाहते हैं।
कवरेज में शामिल:
- हल कवरेज: ड्रोन की पूरी वैल्यू तक सुरक्षा
- थर्ड-पार्टी देनदारी: ₹7.5 लाख तक संपत्ति नुकसान और शारीरिक चोट/मृत्यु के लिए असीमित कवरेज
- पेलोड कवरेज: कैमरा और सेंसर के लिए ₹5,000–₹15,000 का ऐड-ऑन
2025 के अपडेट:
- रियल-टाइम फ्लाइट लॉग के लिए ऐप इंटीग्रेशन
प्रीमियम: ₹4,000–₹20,000 सालाना
क्लेम सेटलमेंट रेशियो: 95%
फायदे (Pros):
- तेज़ और आसान ऑनलाइन खरीद
- BVLOS और नाइट फ्लाइंग ऐड-ऑन उपलब्ध
कमियां (Cons):
- केवल पार्टनर इंश्योरेंस कंपनियों तक सीमित
🛩️ HDFC ERGO
HDFC ERGO व्यापक कवरेज और 96% के उच्च क्लेम सेटलमेंट रेशियो के लिए जाना जाता है। यह खास तौर पर एरियल फोटोग्राफी के लिए डिज़ाइन किए गए प्लान देता है, जिनमें पेलोड और ट्रांजिट कवरेज शामिल होता है।
कवरेज और ऐड-ऑन:
- कैमरा/सेंसर पेलोड कवरेज
- ट्रांजिट कवरेज
- नाइट फ्लाइंग और BVLOS ऐड-ऑन
2025 की विशेषताएँ:
- AI आधारित रिस्क असेसमेंट, जिससे कम प्रीमियम मिल सकता है
प्रीमियम: ₹5,000–₹25,000 सालाना
सर्विस नेटवर्क: 9,800+ सर्विस पॉइंट्स
क्लेम सेटलमेंट रेशियो: 96%
फायदे:
- पे-एज़-यू-फ्लाई विकल्प
- मजबूत कस्टमर सपोर्ट और बड़ा नेटवर्क
कमियां:
- महंगे या हाई-वैल्यू ड्रोन पर प्रीमियम अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है
🛩️ TATA AIG
TATA AIG ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (DFI) के साथ मिलकर कस्टम प्लान प्रदान करता है। यह विशेष रूप से वीडियोग्राफी में इस्तेमाल होने वाले हाई-एंड कैमरा सेंसर और पेलोड सुरक्षा के लिए मजबूत माना जाता है।
कवरेज:
- हल कवरेज
- थर्ड-पार्टी देनदारी
- पर्सनल एक्सीडेंट कवर
2025 के अपडेट:
- पूरी तरह डिजिटल पॉलिसी मैनेजमेंट
- 98.4% का शानदार क्लेम सेटलमेंट रेशियो
प्रीमियम: ₹4,500–₹22,000 सालाना
फायदे:
- BVLOS और ट्रांजिट जैसे ऐड-ऑन
- तेज़ क्लेम प्रोसेस
कमियां:
- कुछ छूट पाने के लिए DFI से टाई-अप ज़रूरी हो सकता है
🛩️ ICICI Lombard
ICICI Lombard शॉर्ट-टर्म ड्रोन इंश्योरेंस पॉलिसी (1 दिन, 1 हफ्ता या 1 महीने) प्रदान करता है, जो फ्रीलांस फोटोग्राफर्स और प्रोजेक्ट-बेस्ड शूट के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।
कवरेज में शामिल:
- दुर्घटनाजन्य नुकसान
- चोरी
- ट्रांजिट कवर
- साइबर रिस्क (जैसे ड्रोन फुटेज से डेटा लीक)
देयता: मानक लिमिट्स के अनुसार
2025 की सुविधाएँ:
- 24/7 कस्टमर सपोर्ट
- 96% क्लेम सेटलमेंट रेशियो
प्रीमियम: ₹5,000–₹18,000 सालाना
फायदे:
- पॉलिसी अवधि के दौरान एंडोर्समेंट की सुविधा
- ट्रेनिंग ड्रोन कवर
कमियां:
- पे-पर-ऑवर मॉडल उपलब्ध नहीं
🛩️ Bajaj Allianz
Bajaj Allianz बजट में ड्रोन इंश्योरेंस चाहने वालों के लिए एक किफायती विकल्प है। यह वीडियोग्राफी के लिए हल और पेलोड दोनों का व्यापक कवरेज देता है।
कवरेज:
- ड्रोन बॉडी (हल)
- पेलोड (कैमरा/सेंसर)
- थर्ड-पार्टी देनदारी
ऐड-ऑन:
- BVLOS
- नाइट फ्लाइंग
2025 की विशेषताएँ:
- 24 घंटे के भीतर सर्वेयर तैनाती
- 96% क्लेम सेटलमेंट रेशियो
प्रीमियम: ₹4,000 से शुरू
फायदे:
- बजट-फ्रेंडली प्रीमियम
- पूरे भारत में कवरेज
कमियां:
- ग्रामीण क्षेत्रों में शाखाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम
✅ हर कंपनी की अपनी ताकत है—कोई लचीलापन देता है, कोई मजबूत पेलोड सुरक्षा, तो कोई बजट फ्रेंडली विकल्प—इसलिए अपने उपयोग और बजट के अनुसार सही इंश्योरेंस चुनना बेहद ज़रूरी है।
| प्रदाता | फोटोग्राफी के लिए प्रमुख कवरेज | वार्षिक प्रीमियम (₹) | क्लेम सेटलमेंट (%) | ऐड-ऑन | उपयुक्त |
|---|---|---|---|---|---|
| TropoGo | हल, देनदारी, पेलोड | 4,000–20,000 | 95 | BVLOS, नाइट, ट्रांजिट | फ्रीलांसर |
| HDFC ERGO | पेलोड, ट्रांजिट, दुर्घटना | 5,000–25,000 | 96 | नाइट, BVLOS | महंगे ड्रोन |
| TATA AIG | पेलोड, पर्सनल एक्सीडेंट | 4,500–22,000 | 98.4 | BVLOS, ट्रेनिंग | कमर्शियल वीडियोग्राफर |
| ICICI Lombard | चोरी, साइबर, शॉर्ट टर्म | 5,000–18,000 | 96 | ट्रांजिट, नाइट | प्रोजेक्ट बेस्ड |
| Bajaj Allianz | हल, देनदारी, किफायती | 4,000–15,000 | 96 | BVLOS, पेलोड | बजट प्रो |
सही ड्रोन इंश्योरेंस चुनते समय क्या देखें ?
- ड्रोन का मूल्य और उपयोग
- प्रीमियम बनाम कवरेज
- क्लेम प्रक्रिया
- आवश्यक ऐड-ऑन
- कंपनी की साख
- पॉलिसी की लचीलापन
🛩️ ड्रोन इंश्योरेंस क्लेम करने के टिप्स
ड्रोन दुर्घटना या नुकसान की स्थिति में सही तरीके से ड्रोन इंश्योरेंस क्लेम करना बेहद ज़रूरी है, ताकि आपका दावा जल्दी और बिना परेशानी के सेटल हो सके। नीचे कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए हैं:
1️⃣ 24 घंटे के भीतर सूचना दें
जैसे ही कोई दुर्घटना, नुकसान, चोरी या थर्ड-पार्टी क्लेम हो, तुरंत अपनी इंश्योरेंस कंपनी या प्लेटफॉर्म (जैसे TropoGo, HDFC ERGO आदि) को सूचित करें। अधिकतर पॉलिसियों में 24 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य होता है। देर करने पर क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है। सूचना आप कॉल, ईमेल या ऐप के माध्यम से दे सकते हैं।
2️⃣ सभी जरूरी दस्तावेज जमा करें
क्लेम के लिए सही डॉक्यूमेंटेशन बहुत अहम है। इसमें आमतौर पर शामिल होते हैं:
- पॉलिसी कॉपी
- ड्रोन का UIN/रजिस्ट्रेशन
- नुकसान की फोटो/वीडियो
- FIR (चोरी या थर्ड-पार्टी केस में)
- पायलट का RPC सर्टिफिकेट
- मरम्मत का अनुमान (Estimate)
सभी दस्तावेज स्पष्ट और पूरे होने चाहिए।
3️⃣ ऐप या फ्लाइट लॉग का उपयोग करें
अगर आप ऐसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं जो रियल-टाइम फ्लाइट लॉग देता है, तो उसे सबूत के तौर पर जरूर सबमिट करें। इससे यह साबित होता है कि ड्रोन कानूनी ऊंचाई और नियमों के तहत उड़ाया जा रहा था। कई कंपनियाँ डिजिटल लॉग को क्लेम अप्रूवल में अहम मानती हैं।
4️⃣ DGCA नियमों का पालन करें
क्लेम तभी मान्य होता है जब उड़ान DGCA के नियमों के अनुसार की गई हो—जैसे वैध रजिस्ट्रेशन, RPC सर्टिफिकेट, नो-फ्लाई ज़ोन से बचाव और आवश्यक अनुमति। नियमों के उल्लंघन पर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम खारिज कर सकती है।
इन टिप्स का पालन करके आप अपने ड्रोन इंश्योरेंस क्लेम को तेज़, पारदर्शी और सफल बना सकते हैं।
🔚 निष्कर्ष
भारत में 2025 में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए ड्रोन इंश्योरेंस न केवल एक कानूनी औपचारिकता है, बल्कि यह आपके जुनून, निवेश और पेशेवर भविष्य की सुरक्षा की मजबूत ढाल भी है। आज के समय में जब ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हो रही है और इसका उपयोग शादियों, रियल एस्टेट, फिल्मों, विज्ञापनों और सोशल मीडिया कंटेंट में लगातार बढ़ रहा है, तब जोखिम भी उसी अनुपात में बढ़ गए हैं। एक छोटी सी तकनीकी खराबी, मौसम की मार या ऑपरेटर की गलती आपके महंगे ड्रोन और कैमरा को नुकसान पहुँचा सकती है, और थर्ड-पार्टी को हुई चोट या संपत्ति नुकसान आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है।
ऐसे में TropoGo की लचीली “पे-एज़-यू-फ्लाई” सुविधा फ्रीलांसरों के लिए बेहतरीन है, तो वहीं ICICI Lombard की शॉर्ट-टर्म और बहुमुखी पॉलिसी प्रोजेक्ट-बेस्ड शूट के लिए आदर्श विकल्प बनती है। HDFC ERGO और TATA AIG जैसे प्रतिष्ठित बीमाकर्ता हाई-वैल्यू ड्रोन और पेलोड सुरक्षा के साथ भरोसेमंद क्लेम सपोर्ट प्रदान करते हैं, जबकि Bajaj Allianz बजट में व्यापक कवरेज देता है।
सही ड्रोन इंश्योरेंस चुनकर आप न सिर्फ अपने ड्रोन और कैमरा जैसे महंगे उपकरणों को सुरक्षित करते हैं, बल्कि अपने क्लाइंट्स के सामने एक प्रोफेशनल छवि भी बनाते हैं। यह आपके बिज़नेस की निरंतरता, मानसिक शांति और भरोसे को मजबूत करता है। इसलिए 2025 में ड्रोन के साथ उड़ान भरते समय, मजबूत थर्ड-पार्टी देनदारी, हल और पेलोड कवरेज के साथ एक उपयुक्त पॉलिसी चुनें और निश्चिंत होकर अपने रचनात्मक सपनों को आसमान तक पहुँचाएं।
FAQs
Q1. क्या भारत में कमर्शियल ड्रोन फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी के लिए बीमा अनिवार्य है?
उत्तर: हां, थर्ड-पार्टी देनदारी बीमा अपेक्षित/अनिवार्य है और अक्सर क्लाइंट द्वारा मांगा जाता है।
Q2. सामान्य RPAS बीमा और फोटोग्राफी ड्रोन बीमा में अंतर?
उत्तर: क्रिएटिव उपयोग में पेलोड, नाइट फ्लाइंग, साइबर और शॉर्ट टर्म कवरेज पर ज़ोर होता है।
Q3. 2025 में लागत कितनी है?
उत्तर: कवरेज के अनुसार ₹4,000 से ₹25,000+ तक।
Q4. क्या FPV ड्रोन कवर होते हैं?
उत्तर: हां, सही घोषणा और अंडरराइटिंग के साथ।
Q5. क्या नाइट वेडिंग शूट कवर होंगे?
उत्तर: केवल यदि नाइट फ्लाइंग ऐड-ऑन शामिल हो।
Q6. क्या फुटेज लॉस/डेटा ब्रीच कवर होता है?
उत्तर: डिफॉल्ट नहीं—साइबर ऐड-ऑन लें।
Q7. इंटरनेशनल शूट कवर?
उत्तर: सामान्यतः नहीं—अलग एक्सटेंशन चाहिए।
Q8. सबसे अच्छा इंश्योरेंस कौन देता है?
उत्तर: आपकी जरूरत पर निर्भर—फ्रीलांसर के लिए ऑन-डिमांड, स्टूडियो के लिए वार्षिक पॉलिसी।
अंतिम शब्द
चाहे आप इंस्टाग्राम रील्स के लिए छोटा ड्रोन उड़ाएं या ब्रांड फिल्म के लिए सिने लिफ्टर—2025 अपने रिस्क कवर को प्रोफेशनल बनाने का सही समय है। मजबूत थर्ड-पार्टी देनदारी से शुरुआत करें, हल और पेलोड जोड़ें, और अपनी शूटिंग स्टाइल के अनुसार नाइट, ट्रांजिट और साइबर जैसे ऐड-ऑन लें। Tata AIG, HDFC ERGO, ICICI Lombard, IFFCO Tokio, New India Assurance और Bajaj Allianz की तुलना करें और अपने लिए ड्रोन फोटोग्राफर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ इंश्योरेंस चुनें—और अपनी क्रिएटिव उड़ान को सुरक्षित रखें।

