भारत में ड्रोन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है। हर भारतीय ड्रोन ऑपरेटर को भारत में ड्रोन बीमा की कीमत (Drone Insurance Cost in India), बीमा के प्रकार और इसके नियम जानना बहुत ही जरुरी है, क्योंकि आज के समय में ड्रोन सिर्फ़ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि कृषि, रियल एस्टेट, फिल्म निर्माण, लॉजिस्टिक्स और सर्वे जैसे कई क्षेत्रों का अहम हिस्सा बन चुका है।
इन क्षेत्रों में काम करने वाले ऑपरेटरों और कंपनियों के लिए ड्रोन अब एक जरूरी उपकरण है। इसलिए हर भारतीय ड्रोन ऑपरेटर को भारत में ड्रोन बीमा की कीमत, प्रकार और बीमा के नियम जानना बहुत ही जरुरी है।
लेकिन इसके साथ कई तरह के जोखिम (Risk) भी जुड़े हुए हैं —
- उड़ान के दौरान ड्रोन का क्रैश होना,
- तीसरे व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान पहुंचना,
- कैमरा या सेंसर जैसी महंगी उपकरणों का टूटना या खो जाना,
- या फिर कानूनी विवादों में फँसना।
ऐसे में ड्रोन बीमा (Drone Insurance) आपकी आर्थिक और कानूनी सुरक्षा का सबसे प्रभावी तरीका है।
भारत में 2025 से लागू नए Drone Rules और DGCA गाइडलाइन के तहत, 250 ग्राम से अधिक वजन वाले हर ड्रोन के लिए थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य कर दिया गया है।
यानि अगर आप अपने ड्रोन का पंजीकरण कराते हैं और उसे उड़ाते हैं, तो बीमा कराना अब आपकी जिम्मेदारी बन गई है।
🎯 ड्रोन बीमा के प्रमुख फायदे
ड्रोन बीमा लेने से न सिर्फ़ आर्थिक सुरक्षा मिलती है, बल्कि आपकी प्रोफेशनल छवि और भरोसेमंदता भी बढ़ती है।
आइए जानते हैं इसके कुछ मुख्य लाभ:
1️⃣ कानूनी अनुपालन (Legal Compliance)
DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और 2025 के नए ड्रोन नियमों के तहत 250 ग्राम से ज़्यादा वजन वाले हर ड्रोन पर थर्ड-पार्टी बीमा लेना ज़रूरी है।
इससे आप कानून के अनुरूप ड्रोन उड़ा सकते हैं और किसी भी जांच या दुर्घटना की स्थिति में दंड से बच सकते हैं।
2️⃣ आर्थिक सुरक्षा (Financial Protection)
ड्रोन एक महँगी मशीन होती है। कई बार एक छोटे से हादसे में लाखों रुपए का नुकसान हो सकता है।
ड्रोन बीमा ऐसे हादसों में आपके ड्रोन, कैमरा या पेलोड की मरम्मत और बदलने का खर्च उठाता है।
3️⃣ थर्ड-पार्टी सुरक्षा (Liability Coverage)
अगर आपके ड्रोन से किसी व्यक्ति को चोट लगती है या किसी की संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो उसका पूरा खर्च बीमा कंपनी उठाती है।
इससे आपका व्यक्तिगत या व्यावसायिक नुकसान नहीं होता।
4️⃣ प्रोफेशनल विश्वसनीयता
अगर आप किसी कंपनी, फिल्म प्रोजेक्ट या सरकारी ठेके के लिए ड्रोन से काम करते हैं, तो बीमा होना एक प्रोफेशनल आवश्यकता है।
बीमा आपके व्यवसाय को विश्वसनीय और जिम्मेदार दिखाता है।
5️⃣ मानसिक शांति (Peace of Mind)
ड्रोन उड़ाते समय हमेशा एक डर रहता है — “कहीं कुछ हो न जाए!”
बीमा के साथ आप निश्चिंत होकर काम पर ध्यान दे सकते हैं क्योंकि किसी भी नुकसान की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा आपके पास है।
📦 भारत में ड्रोन बीमा की कीमत(Drone Insurance Cost in India) एवं बीमा के प्रकार
भारत में 2025 में ड्रोन बीमा कई प्रकार के मिलते हैं —
आपके ड्रोन के उपयोग, वजन, मूल्य और जोखिम के अनुसार पॉलिसी का चयन किया जाता है।
यहाँ सभी प्रकारों का विवरण दिया गया है 👇
1️⃣ थर्ड-पार्टी देयता बीमा (Third-Party Liability Insurance)
- क्या है: यह बीमा तब काम आता है जब आपके ड्रोन से किसी व्यक्ति या प्रॉपर्टी को नुकसान पहुँचता है।
- क्यों जरूरी है: 250 ग्राम से अधिक वजन वाले सभी ड्रोन के लिए यह कानूनी रूप से अनिवार्य है।
- कवरेज:
- तीसरे पक्ष की संपत्ति का नुकसान
- शारीरिक चोट, विकलांगता या मृत्यु का मुआवज़ा
- वार्षिक कीमत: ₹4,000 से ₹20,000 के बीच
- उदाहरण: अगर आपका ड्रोन गलती से किसी की कार से टकरा जाता है, तो बीमा कंपनी मरम्मत का खर्च उठाएगी।
2️⃣ हल कवरेज (Hull Coverage)
- क्या है: यह बीमा ड्रोन के खुद के शारीरिक नुकसान या टूट-फूट को कवर करता है।
- कवरेज:
- ड्रोन का क्रैश होना
- इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल फेल्योर
- रिपेयर या रिप्लेसमेंट का खर्च
- वार्षिक कीमत: ₹5,000 से ₹30,000
- किसके लिए जरूरी: व्यावसायिक उपयोग करने वालों के लिए अनिवार्य जैसे सर्वे, डिलीवरी, या शूटिंग में इस्तेमाल होने वाले महंगे ड्रोन।
3️⃣ पेलोड कवरेज (Payload Coverage)
- क्या है: ड्रोन पर लगे कैमरे, सेंसर या LiDAR जैसी डिवाइस की सुरक्षा करता है।
- कवरेज: पेलोड के नुकसान, चोरी या खराबी की भरपाई।
- कीमत: ₹5,000 से ₹15,000 प्रति वर्ष।
- किसके लिए जरूरी: फिल्ममेकिंग, एग्रीकल्चर और सर्वे जैसी इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी।
4️⃣ BVLOS ऐड-ऑन (Beyond Visual Line of Sight)
- क्या है: जब ड्रोन पायलट की नजर से बाहर उड़ाया जाता है (जैसे डिलीवरी या लॉन्ग रूट ऑपरेशन), तो यह कवरेज जरूरी है।
- कीमत: ₹5,000 से ₹15,000 प्रति वर्ष।
- उदाहरण: किसी गाँव में दवाई पहुँचाने के लिए उड़ाया गया ड्रोन अगर क्रैश हो जाए तो बीमा कवरेज मदद करता है।
5️⃣ नाइट फ्लाइंग ऐड-ऑन (Night Flying Coverage)
- क्या है: रात में उड़ान भरने वाले ड्रोन के लिए खास बीमा, क्योंकि कम रोशनी में दुर्घटना का रिस्क ज्यादा होता है।
- कीमत: ₹3,000 से ₹8,000 प्रति वर्ष।
- उपयोग: इवेंट शूटिंग, निगरानी या सिक्योरिटी सर्विस में जरूरी।
6️⃣ कम्प्रीहेन्सिव / ऑल-इन कवर (Comprehensive Insurance)
- क्या है: इसमें लगभग सभी प्रकार के बीमा शामिल होते हैं —
थर्ड-पार्टी + हुल + पेलोड + ऐड-ऑन। - कीमत: ₹10,000 से ₹50,000 या उससे ज्यादा प्रति वर्ष।
- किसके लिए जरूरी: कंपनियों या संस्थानों के लिए जो एक से ज्यादा ड्रोन ऑपरेट करते हैं।
7️⃣ पायलट का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (Personal Accident Cover)
- कवरेज:
- ऑपरेटर को उड़ान के दौरान लगी चोट या मृत्यु का मुआवज़ा।
- कीमत: ₹500 से ₹2,000 प्रति वर्ष।
- क्यों जरूरी: पेशेवर ड्रोन पायलटों और सरकारी ठेकों में अक्सर यह कवरेज अनिवार्य होता है।
8️⃣ ट्रांज़िट कवरेज (Transit Coverage)
- क्या है: जब ड्रोन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाता है (ट्रांसपोर्ट या शिपिंग के दौरान), तब होने वाले नुकसान को कवर करता है।
- कीमत: ₹4,000 से ₹8,000 प्रति वर्ष।
📊 कीमत पर असर डालने वाले मुख्य कारक
- ड्रोन का वजन:
भारी ड्रोन का बीमा महंगा होता है क्योंकि मरम्मत की लागत ज़्यादा होती है। - उपयोग का प्रकार:
- रिक्रिएशनल उपयोग → कम प्रीमियम
- कमर्शियल उपयोग → ज़्यादा प्रीमियम
- फ्लाइट जोन:
Digital Sky प्लेटफॉर्म पर ग्रीन, येलो और रेड जोन के हिसाब से रिस्क तय होता है।
रेड जोन में ऑपरेशन → अधिक प्रीमियम। - ऐड-ऑन कवरेज:
BVLOS या नाइट फ्लाइंग जैसी अतिरिक्त पॉलिसी लेने से कीमत बढ़ती है। - ऑपरेटर का अनुभव:
DGCA सर्टिफाइड पायलट को छूट मिल सकती है। - ड्रोन की कीमत:
जितना महंगा ड्रोन या पेलोड होगा, उतना अधिक बीमा प्रीमियम देना होगा।
📚 कुछ वास्तविक उदाहरण (Examples)
✨ उदाहरण 1: हौबी यूज़र
- ड्रोन: DJI Mini 4 Pro (₹80,000)
- कवरेज: थर्ड-पार्टी बीमा
- वार्षिक प्रीमियम: ₹4,000
- उपयोग: शौकिया फ़ोटोग्राफी, ग्रीन ज़ोन में उड़ान
🎥 उदाहरण 2: फ़िल्म निर्माता
- ड्रोन: DJI Inspire 2 (₹2 लाख)
- कवरेज: कम्प्रीहेन्सिव (थर्ड-पार्टी + हुल + पेलोड)
- वार्षिक प्रीमियम: ₹20,000
- उपयोग: फ़िल्म और डॉक्यूमेंट्री शूटिंग
🚚 उदाहरण 3: लॉजिस्टिक कंपनी
- ड्रोन: डिलीवरी ड्रोन (₹5 लाख)
- कवरेज: कम्प्रीहेन्सिव + BVLOS ऐड-ऑन
- वार्षिक प्रीमियम: ₹50,000
- उपयोग: मेडिकल सप्लाई और पैकेज डिलीवरी
⚖️ 2025 के नए नियम और अपडेट्स
2025 में ड्रोन से जुड़े कई नए बदलाव लागू हुए हैं:
- ज्यादा कवरेज लिमिट: अब थर्ड-पार्टी नुकसान की राशि पहले से ज्यादा होगी।
- Digital Sky इंटीग्रेशन: हर ड्रोन और उसकी बीमा डिटेल ऑनलाइन रजिस्टर होगी।
- अनिवार्य बीमा: 250 ग्राम से ऊपर वाले ड्रोन के लिए बीमा न कराने पर जुर्माना लग सकता है।
- मानकीकरण (Standardization): सभी बीमा कंपनियों को DGCA और IRDAI के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
🏢 भारत में प्रमुख ड्रोन बीमा कंपनियाँ

भारत में कई कंपनियाँ ड्रोन बीमा प्रदान करती हैं, जैसे:
- TropoGo: Pay-As-You-Fly यानी जितना उड़ाएं उतना प्रीमियम।
- ICICI Lombard: व्यापक कवरेज और ऐड-ऑन ऑप्शन।
- HDFC ERGO: कस्टमाइज़ेबल ड्रोन पॉलिसी।
- TATA AIG: व्यावसायिक ड्रोन के लिए विशेष RPAS बीमा।
- Bajaj Allianz: हौबी और प्रो दोनों के लिए बजट पॉलिसी।
- Policybazaar: विभिन्न बीमा कंपनियों के रेट्स की तुलना करने का आसान प्लेटफॉर्म।
📄 ड्रोन बीमा लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज़
- ड्रोन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Digital Sky ID)
- पायलट का DGCA लाइसेंस (कमर्शियल ऑपरेशन के लिए)
- ड्रोन का ऑपरेटर मैनुअल
- पहचान प्रमाण (ID Proof)
💡 पैसे बचाने के तरीके
- Pay-As-You-Fly पॉलिसी लें: जब ज़रूरत हो तभी बीमा एक्टिव करें।
- विभिन्न कंपनियों की तुलना करें: हमेशा कम से कम 3 कंपनियों से कोटेशन लें।
- कम्प्रीहेन्सिव पॉलिसी लें: अलग-अलग कवर से महंगा पड़ने से बेहतर है एक संपूर्ण पॉलिसी लेना।
- सुरक्षित उड़ान का रिकॉर्ड रखें: बिना क्लेम के इतिहास वाले यूज़र्स को डिस्काउंट मिलता है।
- केवल ज़रूरी कवरेज चुनें: हर ऐड-ऑन न लें, सिर्फ वही जो आपकी उड़ान के लिए ज़रूरी हो।
- DGCA सर्टिफिकेशन कराएं: सर्टिफाइड पायलट को कम प्रीमियम में पॉलिसी मिल सकती है।
🔍 भविष्य की संभावनाएँ (Future Outlook)
भारत में ड्रोन उद्योग का आकार 2025 तक लगभग ₹420 करोड़ तक पहुँचने की उम्मीद है और 2030 तक यह ₹ 2300 करोड़ को पार कर सकता है।
जैसे-जैसे ड्रोन की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे ड्रोन बीमा की ज़रूरत और मार्केट भी तेजी से बढ़ेगा।
नई तकनीक, सरकार के नियम और Digital Sky जैसी सुविधाएँ ड्रोन संचालन को और भी सुरक्षित बनाएंगी।
इसलिए भविष्य में हर ड्रोन ऑपरेटर के पास बीमा होना न सिर्फ़ समझदारी होगी, बल्कि एक कानूनी आवश्यकता भी।
✅भारत में ड्रोन बीमा की कीमत से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs)
प्र:1. भारत में ड्रोन बीमा क्या है?
उ: ड्रोन बीमा एक ऐसी पॉलिसी होती है जो ड्रोन से जुड़ी दुर्घटनाओं, नुकसान या कानूनी दावों से सुरक्षा देती है। इसमें ड्रोन के खुद के नुकसान (Hull), तीसरे पक्ष को हुए नुकसान (Third-Party), और कैमरा या सेंसर (Payload) जैसी चीज़ों का बीमा शामिल होता है।
प्र:2. क्या भारत में ड्रोन बीमा अनिवार्य है?
उ: हाँ, 2025 में लागू हुए DGCA के नए नियमों के अनुसार 250 ग्राम से अधिक वजन वाले हर ड्रोन के लिए थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य है। इसके बिना ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी हो सकता है।
प्र:3. ड्रोन बीमा की कीमत कितनी होती है?
उ: भारत में ड्रोन बीमा की औसत लागत ₹4,000 से ₹50,000 प्रति वर्ष होती है। यह कीमत ड्रोन के वजन, उपयोग (शौकिया या व्यावसायिक), और बीमा कवरेज के प्रकार पर निर्भर करती है।
प्र:4. ड्रोन बीमा के कितने प्रकार होते हैं?
उ: भारत में ड्रोन बीमा के मुख्य प्रकार ये हैं:
- थर्ड-पार्टी देयता बीमा
- हल कवरेज (ड्रोन का नुकसान)
- पेलोड कवरेज (कैमरा या सेंसर)
- BVLOS ऐड-ऑन (नजर से बाहर उड़ान)
- नाइट फ्लाइंग कवरेज
- कम्प्रीहेन्सिव कवरेज (सभी का कॉम्बिनेशन)
प्र:5. भारत में कौन-कौन सी कंपनियाँ ड्रोन बीमा देती हैं?
उ: भारत में प्रमुख ड्रोन बीमा प्रदाता हैं – TropoGo, ICICI Lombard, HDFC ERGO, TATA AIG, Bajaj Allianz और National Insurance।
आप Policybazaar जैसे प्लेटफॉर्म पर इनकी तुलना भी कर सकते हैं।
प्र:6. क्या हौबी (शौकिया) ड्रोन यूज़र्स को भी बीमा कराना चाहिए?
उ: अगर आपका ड्रोन 250 ग्राम से कम है तो बीमा अनिवार्य नहीं है, लेकिन थर्ड-पार्टी या हुल बीमा लेना अच्छा कदम है। इससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में आपको आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
प्र:7. ड्रोन बीमा का दावा (Claim) कैसे करें?
उ:
- घटना के तुरंत बाद बीमा कंपनी को सूचित करें।
- घटना की तस्वीरें या वीडियो सबूत के रूप में जमा करें।
- ड्रोन का रजिस्ट्रेशन और पॉलिसी की कॉपी दें।
कंपनी जांच के बाद मरम्मत या मुआवज़े की राशि जारी करती है।
प्र:8. क्या ड्रोन बीमा पायलट की चोट को भी कवर करता है?
उ: हाँ, अगर आपने Personal Accident Cover ऐड-ऑन लिया है तो ड्रोन उड़ाते समय पायलट को लगी चोट या मृत्यु की स्थिति में बीमा कंपनी मुआवज़ा देती है।
प्र:9. ड्रोन बीमा कितने समय के लिए मान्य होता है?
उ: आमतौर पर ड्रोन बीमा 1 वर्ष के लिए वैध होता है।
कुछ कंपनियाँ Pay-As-You-Fly या शॉर्ट-टर्म पॉलिसी (7 या 30 दिन) भी प्रदान करती हैं।
प्र:10. क्या ड्रोन बीमा विदेश में भी लागू होता है?
उ: अधिकतर भारतीय ड्रोन बीमा केवल भारत में लागू होते हैं।
अगर आप ड्रोन को विदेश में उड़ाना चाहते हैं तो आपको इंटरनेशनल कवरेज वाली अलग पॉलिसी लेनी होगी।
प्र:11. क्या Pay-As-You-Fly ड्रोन बीमा फायदेमंद है?
उ: हाँ, अगर आप ड्रोन का उपयोग कभी-कभी करते हैं तो यह किफायती विकल्प है।
इसमें आप सिर्फ उतने समय का प्रीमियम देते हैं जितनी देर आपका ड्रोन उड़ाया गया हो।
प्र:12. क्या बिना DGCA सर्टिफिकेट के ड्रोन बीमा कराया जा सकता है?
उ: हाँ, अगर आप ड्रोन का उपयोग सिर्फ मनोरंजन के लिए करते हैं तो DGCA सर्टिफिकेट ज़रूरी नहीं है।
लेकिन व्यावसायिक उपयोग (Commercial Use) के लिए DGCA प्रमाणपत्र अनिवार्य है।
प्र:13. क्या ड्रोन चोरी होने पर बीमा से मुआवज़ा मिलता है?
उ: हाँ, अगर आपकी पॉलिसी में Theft Coverage शामिल है तो ड्रोन चोरी या गुम होने की स्थिति में बीमा कंपनी मुआवज़ा देती है।
इसके लिए पुलिस में FIR और ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने होते हैं।
प्र:14. क्या एक पॉलिसी में कई ड्रोन कवर किए जा सकते हैं?
उ: हाँ, यदि आप एक से अधिक ड्रोन का संचालन करते हैं तो आप Fleet Insurance Policy ले सकते हैं, जिसमें सभी ड्रोन एक साथ कवर किए जाते हैं।
प्र:15. ड्रोन बीमा लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उ:
- ड्रोन की सही जानकारी और उपयोग का प्रकार बताएं।
- अलग-अलग कंपनियों की पॉलिसी की तुलना करें।
- कौन सी क्षतियाँ शामिल हैं और कौन सी नहीं, यह स्पष्ट समझें।
- ज़रूरत के हिसाब से ऐड-ऑन कवरेज ही जोड़ें।
🏁 निष्कर्ष
ड्रोन बीमा (Drone Insurance) हर ड्रोन यूज़र के लिए एक ज़रूरी सुरक्षा कवच है।
2025 में भारत में ड्रोन बीमा की कीमत ₹4,000 से ₹50,000 या उससे अधिक तक हो सकती है, जो आपके ड्रोन के प्रकार, उपयोग और कवरेज पर निर्भर करती है।
अगर आप सही पॉलिसी चुनते हैं, तुलना करते हैं और सुरक्षित उड़ान का पालन करते हैं,
तो आप अपने निवेश, उपकरण और कानूनी जिम्मेदारियों — तीनों की सुरक्षा कर सकते हैं।

