भारत में सरकारी ड्रोन योजनाएँ (Government Drone Schemes in India): 2025 में नवाचार, कृषि और ग्रामीण विकास को सशक्त बनाती पहल

Government Drone Schemes in India

सटीक खेती के जरिए कृषि में क्रांति लाने से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सटीक भूमि सर्वेक्षण को सक्षम बनाने तक, भारत में सरकारी ड्रोन योजनाएँ (Government Drone Schemes in India) नवाचार और आर्थिक विकास की लहर चला रही हैं। 2025 तक, भारतीय ड्रोन बाजार के 2030 तक 1.39 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जो 24.4% की CAGR से बढ़ेगा। यह वृद्धि सहायक नीतियों, सब्सिडी और ड्रोन के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना तथा नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलों से प्रेरित है। ये कार्यक्रम न केवल “मेक इन इंडिया” ड्रोन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि कृषि, आपदा प्रबंधन और रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों की चुनौतियों का समाधान भी करते हैं।

ड्रोन तकनीक के लिए सरकार का जोर आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल परिवर्तन जैसे व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप है। “drone subsidies 2025,” “agriculture drones India,” और “UAV regulations in India” जैसे ट्रेंडिंग कीवर्ड किसानों, उद्यमियों और निवेशकों के बीच बढ़ती रुचि को दर्शाते हैं। ड्रोन की खरीद पर 80% तक की सब्सिडी और मुफ्त प्रशिक्षण देने वाली योजनाओं के साथ, भारत खुद को एक वैश्विक ड्रोन हब के रूप में स्थापित कर रहा है।

यह ब्लॉग पोस्ट भारत में प्रमुख सरकारी ड्रोन योजनाओं, उनके उद्देश्यों, कार्यान्वयन, लाभ और भविष्य के दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा करता है, ताकि इस उभरते क्षेत्र में रुचि रखने वाले सभी हितधारकों के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान की जा सके।

चाहे आप “agriculture drone prices India 2025” जानने वाले किसान हों या “drone manufacturing under PLI scheme” पर नजर रखने वाला स्टार्टअप, इन पहलों को समझना बेहद जरूरी है। आइए जानें कि ये योजनाएँ भारत के ड्रोन इकोसिस्टम को कैसे बदल रही हैं।

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भारत में ड्रोन नीतियों का विकास: नियमों से क्रांति तक

Drone Rules and Regulations

ड्रोन नियम और विनियम

भारत की ड्रोन यात्रा की शुरुआत सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियमों से हुई थी, लेकिन अब यह व्यापक अपनाने को प्रोत्साहित करने वाले सहायक ढांचे में बदल चुकी है। ड्रोन नियम 2021, जिन्हें 2023 में और उदार बनाया गया तथा 2025 में अपडेट किया गया, ने प्रमाणन प्रक्रियाओं को सरल बनाया, अनुपालन बोझ को कम किया और नैनो, माइक्रो, स्मॉल, मीडियम और लार्ज ड्रोन की श्रेणियाँ शुरू कीं। ये नियम रिमोट पायलट सर्टिफिकेट अनिवार्य करते हैं और डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के जरिए ड्रोन को एयरस्पेस से जोड़ते हैं, जिससे व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए संचालन सहज हो जाता है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय इन नियमों की देखरेख करता है और PLI योजना के माध्यम से स्वदेशी निर्माण पर जोर देता है। बजट 2025 में ड्रोन के लिए PLI हेतु ₹57 करोड़ का आवंटन किया गया, जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह 2022 में पूरी तरह से असेंबल्ड ड्रोन के आयात पर प्रतिबंध जैसी पहलों पर आधारित है, जिसने स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दिया।

सरकारी योजनाओं ने ड्रोन को कृषि जैसे क्षेत्रों में भी शामिल किया है, जहाँ “किसान ड्रोन योजना” और SMAM (कृषि यंत्रीकरण पर उप-मिशन) के तहत सब्सिडी वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं। रक्षा में, ड्रोन शक्ति जैसे कार्यक्रम निगरानी और लॉजिस्टिक्स के लिए UAV को बढ़ावा देते हैं। इन नीतियों ने रोजगार सृजित किए हैं, जिनका अनुमान 2030 तक लाखों अवसरों का है, और “drone tech startup landscape” में स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया है।

एक महत्वपूर्ण उपलब्धि 2020 में SVAMITVA की शुरुआत थी, जिसने ग्रामीण भूमि मैपिंग के लिए ड्रोन का उपयोग किया और 2025 तक 10 करोड़ से अधिक भूखंडों का डिजिटलीकरण किया। यह विकास नियामक सावधानी से सक्रिय सशक्तिकरण की ओर बदलाव को दर्शाता है, जो वैश्विक UAV रुझानों के अनुरूप है।

भारत में सरकारी ड्रोन योजनाएँ (Government Drone Schemes in India): विस्तृत अवलोकन

भारत सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों को लक्षित करते हुए कई ड्रोन योजनाएँ शुरू की हैं। नीचे हम प्रमुख योजनाओं का विस्तार से विवरण दे रहे हैं।

SVAMITVA योजना: ड्रोन आधारित ग्रामीण भूमि स्वामित्व

SVAMITVA (Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas) योजना, जिसे 2020 में शुरू किया गया और 2025-26 तक बढ़ाया गया, ग्रामीण आबादी वाले (आबादी) क्षेत्रों का मानचित्रण करने और संपत्ति कार्ड जारी करने के लिए हाई-रिज़ॉल्यूशन ड्रोन सर्वेक्षण का उपयोग करती है। इसे पंचायती राज मंत्रालय राज्य सरकारों और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से लागू करता है। इसका उद्देश्य कानूनी स्वामित्व रिकॉर्ड प्रदान करना, विवादों को कम करना और वित्तीय पहुंच को सक्षम बनाना है।

दिसंबर 2025 तक, 3.18 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वे पूरे हो चुके हैं और 2.42 करोड़ संपत्ति कार्ड वितरित किए गए हैं। इस योजना ने 10.84 करोड़ भूखंडों का डिजिटलीकरण किया है और सटीक मैपिंग के लिए 1,018 CORS (Continuously Operating Reference Stations) स्थापित किए हैं। इसके लाभों में आसान बैंक ऋण, बेहतर कर आकलन और GIS डेटा के जरिए आपदा प्रबंधन को समर्थन शामिल है।

पात्रता अधिसूचित गांवों के निवासियों के लिए है और ग्रामीणों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। प्रक्रिया में ड्रोन इमेजिंग, ड्राफ्ट मैप प्रदर्शन, आपत्तियों का निवारण और राज्य पोर्टलों के माध्यम से कार्ड जारी करना शामिल है। 2025 में SVAMITVA को वर्ल्ड बैंक लैंड कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शित किया गया, जहाँ इसे जलवायु कार्रवाई और ग्रामीण नियोजन में भूमिका के लिए सराहा गया।

यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाती है, जहाँ कुछ क्षेत्रों में 89% संपत्तियाँ सह-स्वामित्व में हैं, जो व्यापक लैंगिक पहलों से जुड़ी हैं।

नमो ड्रोन दीदी योजना: ड्रोन तकनीक से महिलाओं का सशक्तिकरण

2023 में घोषित और 2025 में पूरी तरह क्रियान्वित, नमो ड्रोन दीदी योजना 15,000 महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को कृषि उपयोग के लिए ड्रोन प्रदान करती है, जिसका बजट ₹1,261 करोड़ है। यह ड्रोन लागत पर 80% सब्सिडी (₹8 लाख तक) और मुफ्त प्रशिक्षण देती है, जिससे महिलाएँ खेती में किराये की सेवाओं के लिए “ड्रोन दीदी” बन सकें।

इसके उद्देश्य वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और कृषि का आधुनिकीकरण हैं। पात्र SHGs को दीनदयाल अंत्योदय योजना–NRLM के तहत होना चाहिए, जिनमें 18-45 वर्ष की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। यह योजना लखपति दीदी से जुड़ी है, जिसका लक्ष्य दो करोड़ महिला करोड़पति बनाना है।

2025 में इसने हजारों को प्रशिक्षित किया है, जिससे कीटनाशक छिड़काव जैसी सेवाओं के जरिए ग्रामीण आय में 20-30% की वृद्धि हुई है। हरियाणा जैसे राज्य अतिरिक्त सहायता देते हैं, जिसमें मुफ्त पायलट प्रशिक्षण शामिल है।

यह पहल “women empowerment in drones” के अनुरूप है, रोजगार सृजित करती है और किसानों के लिए रासायनिक जोखिम को कम करती है।

ड्रोन और घटकों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना

2021 में ₹120 करोड़ के साथ शुरू की गई और 2025 में ₹57 करोड़ से बढ़ाई गई, PLI योजना घरेलू ड्रोन निर्माण को प्रोत्साहित करती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना तीन वर्षों के लिए मूल्य संवर्धन पर 20% प्रोत्साहन देती है, जिसका लक्ष्य स्टार्टअप्स और MSMEs हैं।

पात्रता के लिए भारतीय कंपनियों की वार्षिक बिक्री ड्रोन के लिए ₹2 करोड़ तक और घटकों के लिए ₹50 लाख तक होनी चाहिए। 2025 तक इसने 23 निर्माताओं को मंजूरी दी है, जिससे “मेक इन इंडिया ड्रोन” का इकोसिस्टम विकसित हुआ है। यह योजना फ्रेम, प्रोपेलर और सॉफ्टवेयर जैसे हार्डवेयर को कवर करती है और निर्यात को बढ़ावा देती है।

इसका प्रभाव 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियों और लॉजिस्टिक्स व निगरानी जैसे क्षेत्रों में नवाचार के रूप में देखा गया है। “drone stocks in India” जैसे ट्रेंडिंग शब्द Ideaforge और Zen Technologies जैसी कंपनियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं।

यह योजना भारत की ड्रोन निर्यात अग्रणी बनने की महत्वाकांक्षा के लिए अहम है।

SMAM और किसान ड्रोन योजना

कृषि मंत्रालय के तहत SMAM (Sub-Mission on Agricultural Mechanization) किसानों, FPOs और CHCs को कृषि ड्रोन पर 40-50% सब्सिडी देता है। 2025 में यह ₹4-10 लाख की ड्रोन कीमतों को कवर करता है, जिसमें महिलाओं और SC/ST समूहों के लिए अधिक सहायता है।

किसान ड्रोन योजना, जो SMAM में एकीकृत है, फसल आकलन, छिड़काव और मिट्टी विश्लेषण के लिए ड्रोन को बढ़ावा देती है। किसान 50-75% सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं, जबकि प्रदर्शन के लिए 100% फंडिंग मिलती है।

ये योजनाएँ “agriculture drone prices India 2025” की समस्या को हल करती हैं, तकनीक को सुलभ बनाती हैं और सटीक उपयोग से 20-30% तक उपज बढ़ाती हैं।

SchemeSubsidy PercentageEligible GroupsKey Focus
SMAM40-50% (up to 75% for women/SC/ST)Farmers, FPOs, CHCsMechanization, including drones
Kisan Drone50-75%Individual farmersCrop monitoring and spraying
Namo Drone Didi80% (up to ₹8 lakh)Women SHGsRental services in agriculture

यह तालिका सब्सिडी की तुलना करती है और पहुंच को दर्शाती है।

अन्य उल्लेखनीय योजनाएँ: ड्रोन शक्ति और रक्षा पहल

ड्रोन शक्ति रक्षा अनुप्रयोगों पर केंद्रित है और निगरानी के लिए स्वदेशी UAVs को बढ़ावा देती है। 2025 में यह iDEX (Innovations for Defence Excellence) के साथ एकीकृत होकर सैन्य ड्रोन के लिए स्टार्टअप्स को फंड देती है।

GST सुधारों ने ड्रोन घटकों पर दरों को घटाकर 5% कर दिया है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिला है।

सरकारी ड्रोन योजनाओं के लाभ और प्रभाव

इन योजनाओं से कई तरह के लाभ मिलते हैं। कृषि में ड्रोन छिड़काव के दौरान पानी के उपयोग को 90% तक कम करते हैं और लागत को 20-30% घटाते हैं, जिससे जलवायु चुनौतियों के बीच उत्पादकता बढ़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों को SVAMITVA से विवाद समाधान का लाभ मिलता है, जिससे ₹100 लाख करोड़ की आर्थिक क्षमता खुलती है।

आर्थिक रूप से, ड्रोन क्षेत्र निर्माण, पायलटिंग और सेवाओं में नौकरियाँ पैदा करता है। नमो ड्रोन दीदी के जरिए महिला सशक्तिकरण से वित्तीय स्वतंत्रता मिलती है, जहाँ SHGs किराये से सालाना ₹1-2 लाख कमाती हैं।

पर्यावरण की दृष्टि से, सटीक ड्रोन रासायनिक बहाव को कम करते हैं। आपदा प्रबंधन में UAVs त्वरित आकलन में मदद करते हैं। कुल मिलाकर, ये पहल भारत की GDP वृद्धि में योगदान देती हैं और 2030 तक अरबों डॉलर जोड़ने की उम्मीद है।

टाइमलाइन तालिका:

YearMilestone
2020SVAMITVA Launch
2021Drone Rules & PLI Scheme
2023Namo Drone Didi Announcement
2025₹57 crore PLI Allocation; 3.18 lakh Villages Surveyed

भारत के ड्रोन इकोसिस्टम में चुनौतियाँ और भविष्य के रुझान

प्रगति के बावजूद, कुछ चुनौतियाँ बनी हुई हैं: ऊँची शुरुआती लागत, कौशल की कमी और शहरी क्षेत्रों में नियामक बाधाएँ। बैटरी लाइफ और डेटा गोपनीयता की चिंताएँ भी हैं। भविष्य के रुझानों में AI-एकीकृत ड्रोन, सप्लाई चेन के लिए ब्लॉकचेन और 5G-सक्षम स्वार्म शामिल हैं।

2030 तक, “future trends in UAV drone technology” जैसे रुझान सीमा निगरानी और शहरी मोबिलिटी के प्रभुत्व की भविष्यवाणी करते हैं। सरकार SVAMITVA के सार्वभौमिक कवरेज और इन चुनौतियों से निपटने के लिए विस्तृत PLI की योजना बना रही है।

हितधारकों को बाधाओं को दूर करने के लिए प्रशिक्षण और R&D में निवेश करना होगा।

निष्कर्ष: ड्रोन-सशक्त भारत की ओर उड़ान

भारत में सरकारी ड्रोन योजनाएँ ग्रामीण सशक्तिकरण से लेकर औद्योगिक विकास तक तकनीकी क्रांति को गति दे रही हैं। SVAMITVA, नमो ड्रोन दीदी और PLI जैसी योजनाओं के साथ भारत वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। जैसे-जैसे “drone technology in India” का रुझान बढ़ रहा है, ये पहल सतत विकास और नवाचार का वादा करती हैं।

भारत में सरकारी ड्रोन योजनाओं पर FAQs

Q.1- 2025 में भारत की प्रमुख सरकारी ड्रोन योजनाएँ कौन-सी हैं?
Ans- प्रमुख योजनाओं में SVAMITVA योजना (ग्रामीण भूमि मैपिंग), नमो ड्रोन दीदी (महिला SHGs को कृषि ड्रोन), प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना (घरेलू निर्माण), SMAM व किसान ड्रोन सब्सिडी और ड्रोन शक्ति (स्टार्टअप व सेवाएँ) शामिल हैं।

Q.2- नमो ड्रोन दीदी योजना क्या है?
Ans- यह योजना 15,000 महिला SHGs को कृषि सेवाओं के लिए ड्रोन प्रदान करती है, 2024-25 से 2025-26 तक ₹1,261 करोड़ के परिव्यय के साथ, और प्रति SHG कम से कम ₹1 लाख अतिरिक्त आय का लक्ष्य रखती है।

Q.3- नमो ड्रोन दीदी योजना के लिए कौन पात्र है?
Ans- DAY-NRLM के अंतर्गत महिला SHGs, जिनमें 18-45 वर्ष की सदस्य हों, क्षेत्रीय मांग के आधार पर चयनित।

Q.4- नमो ड्रोन दीदी के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
Ans- ड्रोन लागत पर 80% (₹8 लाख तक) सब्सिडी; शेष 20% AIF ऋण से कवर की जा सकती है; प्रशिक्षण मुफ्त है।

Q.5- SVAMITVA योजना क्या है और इसमें ड्रोन का उपयोग कैसे होता है?
Ans- यह योजना ड्रोन से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों का सर्वे कर कानूनी संपत्ति कार्ड जारी करती है।

Q.6- 2025 तक SVAMITVA में कितनी प्रगति हुई है?
Ans- 3.20 लाख से अधिक गांवों में सर्वे पूरा, 2.42 करोड़ से ज्यादा कार्ड वितरित।

Q.7- 2025 में किसानों को कृषि ड्रोन पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
Ans- SMAM व किसान ड्रोन के तहत 40-50% (महिला/SC/ST के लिए अधिक), FPOs/SHGs को 75-100% तक।

Q.8- ड्रोन के लिए PLI योजना क्या है?
Ans- तीन वर्षों तक मूल्य संवर्धन पर 20% प्रोत्साहन, घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए।

Q.9- भारत में ड्रोन सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें?
Ans- DBT पोर्टल (farmech.dac.gov.in) या राज्य कृषि विभाग के माध्यम से।

Q.10- क्या ड्रोन पायलट प्रशिक्षण दिया जाता है?
Ans- हाँ, नमो ड्रोन दीदी और SMAM/Kisan Drone के तहत DGCA-स्वीकृत RPTOs पर मुफ्त/सब्सिडी प्रशिक्षण।

Q.11- क्या व्यक्तिगत किसान सब्सिडी पर ड्रोन खरीद सकते हैं?
Ans- हाँ, SMAM के तहत 40-50% सब्सिडी के साथ।

Q.12- भारत में कृषि में ड्रोन के क्या लाभ हैं?
Ans- सटीक छिड़काव, कम रसायन उपयोग (20-90%), लागत में कमी, अधिक उपज और टिकाऊ खेती।

भारत में सरकारी ड्रोन योजनाएँ (government drone schemes in India) पर अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।

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To read this post in English – Government Drone Schemes in India: Empowering Innovation, Agriculture and Rural Development

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