क्या भारत में ड्रोन बीमा अनिवार्य है(Is Drone Insurance Mandatory in India)? Civil Drone Bill 2025 के तहत नए नियम, जुर्माने, लागत और पूरे बदलाव की 2025 गाइड

Is Drone Insurance Mandatory In India

भारत में ड्रोन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, और इसी के साथ सुरक्षा, जिम्मेदारी और नियमों की आवश्यकता भी बढ़ गई है। कई नए ऑपरेटरों के मन में एक ही सवाल आता है—क्या भारत में ड्रोन बीमा अनिवार्य है (Is Drone Insurance Mandatory in India)? 2025 सिविल ड्रोन बिल के आने के बाद ड्रोन बीमा, पंजीकरण और संचालन से जुड़े नियम और भी सख्त और स्पष्ट कर दिए गए हैं।

भारत में ड्रोन का इस्तेमाल 2025 में नई ऊँचाइयों पर पहुँच चुका है—कृषि स्प्रे, सर्वे मैपिंग, वेडिंग शूट, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा और सरकारी प्रोजेक्ट्स…हर जगह ड्रोन उड़ रहे हैं।
लेकिन जैसे-जैसे ड्रोन उड़ान बढ़ी है, वैसे-वैसे दुर्घटनाओं और जोखिमों की घटनाएँ भी सामने आई हैं।

इन्हीं चुनौतियों को देखने के बाद भारत सरकार ने सितंबर 2025 में Draft Civil Drone (Promotion and Regulation) Bill 2025 पेश किया, जिसने ड्रोन दुनिया में सबसे बड़ा सवाल फिर से खड़ा कर दिया:

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क्या भारत में ड्रोन बीमा अनिवार्य है (Is Drone Insurance Mandatory in India)?

Is Drone Insurance Mandatory In India

सीधा जवाब: हाँ—लगभग हर ड्रोन पायलट और ऑपरेटर के लिए अब यह अनिवार्य है।

Civil Drone Bill 2025 की धारा 9 सरकार को यह अधिकार देती है कि कोई भी ड्रोन उड़ाने से पहले वह थर्ड-पार्टी लाइबिलिटी बीमा के तहत कवर होना चाहिए।
अगर नहीं—तो भारी जुर्माना, संचालन रद्द और गंभीर मामलों में जेल तक!

Civil Drone Bill 2025 के अनुसार बिना थर्ड-पार्टी बीमा के ड्रोन उड़ाना अब कानूनी रूप से अवैध है।

धारा 9 के अनुसार:

“कोई भी व्यक्ति तब तक मानवरहित विमान प्रणाली (UAS) का संचालन नहीं करेगा जब तक वह बीमा पॉलिसी से आच्छादित न हो।”

किन ड्रोन उपयोगकर्ताओं के लिए बीमा अनिवार्य है?

✔ सभी व्यावसायिक ड्रोन
✔ 250 ग्राम से बड़े सभी शौकिया ड्रोन
✔ फोटोग्राफी, फिल्ममेकिंग, सर्वे, कृषि स्प्रे
✔ डिलीवरी और BVLOS ऑपरेशन
✔ आयातित ड्रोन खरीदने/उड़ाने वाले
✔ विदेशी नागरिक जो भारत में ड्रोन उड़ाते हैं

कौन छूट पा सकता है?

– 250 ग्राम से कम नैनो ड्रोन (सरकारी अधिसूचना पर निर्भर)
– सेना/रक्षा ड्रोन
– R&D प्रोटोटाइप

लेकिन अधिकांश ड्रोन उपयोगकर्ताओं के लिए नियम सरल है:

ड्रोन उड़ाना है → बीमा अनिवार्य है।

2021 Drone Rules बनाम Civil Drone Bill 2025 – क्या बदला?

पहलू (Aspect)ड्रोन नियम 2021 (Drone Rules 2021)सिविल ड्रोन बिल 2025 (Civil Drone Bill 2025)
बीमा आवश्यकता (Insurance Mandate)वाणिज्यिक उपयोग के लिए अनुशंसित; शौकिया उपयोग के लिए वैकल्पिकसभी संचालनों के लिए अनिवार्य तृतीय-पक्ष बीमा (नैनो ड्रोन को संभावित छूट)
पंजीकरण (Registration)250 ग्राम से अधिक वजन वाले ड्रोन के लिए UIN अनिवार्य; डिजिटल स्काई पोर्टल के माध्यम सेस्वामित्व/संचालन के लिए यूनिवर्सल UIN अनिवार्य; बिना UIN के बिक्री नहीं; हस्तांतरण के लिए कड़े नियम
प्रकार प्रमाणन (Type Certification)मध्यम/बड़े ड्रोन के लिए आवश्यकनिर्माण/बिक्री/संचालन के लिए अनिवार्य; इसमें सुरक्षा एवं साइबर-सुरक्षा फीचर्स शामिल
पायलट प्रमाणन (Pilot Certification)वाणिज्यिक उपयोग के लिए रिमोट पायलट लाइसेंस (RPL) आवश्यकसभी संचालन के लिए रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) अनिवार्य; अधिकृत संस्थानों द्वारा प्रशिक्षण अनिवार्य
हवाई क्षेत्र जोन (Airspace Zones)हरा/लाल/पीला जोन; अनुमति प्रक्रियाउन्नत मानचित्र (≤10 मीटर रिज़ॉल्यूशन); अस्थायी लाल जोन; UAS ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (UTM) लागू
दंड (Penalties)अधिकांश मामलों में ₹1 लाख तक जुर्माना; जेल की सजा नहींसंज्ञेय अपराधों (जैसे हवाई क्षेत्र उल्लंघन) के लिए अधिकतम 3 वर्ष कैद + ₹1 लाख जुर्माना
मुआवजा (Compensation)मोटर व्हीकल एक्ट से शिथिल रूप से जुड़ा हुआसमर्पित व्यवस्था: सख्त दायित्व (Strict liability), ट्रिब्यूनल द्वारा निर्णय, हाई कोर्ट में अपील की सुविधा
दायरा (Scope)150 किलोग्राम तक; मुख्य रूप से संचालन पर केंद्रित500 किलोग्राम से कम UAS; डिज़ाइन से लेकर निपटान तक पूरा जीवन-चक्र कवर करता है

भारत में ड्रोन बीमा अनिवार्य क्यों हुआ?

भारत में:

29,501 से अधिक ड्रोन रजिस्टर्ड (2025 की शुरुआत)
63% मनोरंजन और 37% व्यावसायिक उपयोग
– कृषि, सर्वे, डिलीवरी में भारी वृद्धि
– दुर्घटनाएँ बढ़ीं—प्रॉप गिरना, सिग्नल लॉस, विंड ड्रिफ्ट

ऐसे में अनिवार्य बीमा तीन फायदे देता है:

  1. संपत्ति या व्यक्ति को नुकसान हो तो मुआवजा
  2. पायलट कानूनी रूप से सुरक्षित
  3. उद्योग अधिक प्रोफेशनल और विश्वसनीय बनता है

भारत में किन्हें ड्रोन बीमा लेना ज़रूरी होगा?

बीमा अनिवार्य इनके लिए:

✔ कृषि स्प्रे ड्रोन
✔ वेडिंग/फिल्म शूट ड्रोन
✔ रियल एस्टेट सर्वे
✔ पुलिस/नगर निगम के ड्रोन
✔ लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी ड्रोन
✔ स्टार्टअप्स द्वारा उपयोग किए जाने वाले BVLOS ड्रोन
✔ शौकिया पायलट (250g से अधिक ड्रोन के साथ)

विशेष परिदृश्य (Edge Cases):

– आयातित ड्रोन: उड़ाने से पहले बीमा अनिवार्य
– किराये/लीज पर लिए ड्रोन: उपयोगकर्ता पर जिम्मेदारी
– विदेशी पर्यटक: अस्थायी बीमा अनिवार्य

ड्रोन बीमा के प्रकार (Drone Insurance Types)

भारत में 2025 के सिविल ड्रोन बिल और तेज़ी से बढ़ते ड्रोन उपयोग के कारण ड्रोन बीमा अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। चाहे आप एक शौकिया फ्लायर हों, फ़ोटोग्राफ़ी/वीडियोग्राफ़ी करने वाले प्रोफेशनल, एग्रीकल्चर सर्वे ऑपरेटर, डिलीवरी ड्रोन कंपनी, या बड़े पैमाने पर ड्रोन फ़्लीट संभालने वाले उद्यमी—हर उपयोग के अनुसार अलग-अलग प्रकार के ड्रोन बीमा उपलब्ध हैं। यहाँ भारत में 2025 तक प्रचलित प्रमुख ड्रोन बीमा प्रकारों का विस्तृत विवरण दिया गया है।

1. थर्ड-पार्टी लाइबिलिटी इंश्योरेंस (Third-Party Liability Insurance)

यह 2025 के सिविल ड्रोन बिल में सबसे अनिवार्य बीमा है।
यह बीमा उन स्थितियों को कवर करता है जहाँ आपके ड्रोन के कारण किसी तीसरे व्यक्ति को चोट, मृत्यु या संपत्ति को नुकसान होता है। उदाहरण के लिए, अगर आपका ड्रोन किसी की कार पर गिर जाए, किसी राहगीर को चोट पहुँचा दे, या किसी इमारत को नुकसान पहुँचे—तो सभी दावों का भुगतान यह बीमा करता है।
इसमें “सख्त दायित्व” (strict liability) लागू होता है, यानी दुर्घटना में गलती साबित करना आवश्यक नहीं।

2. हल/एयरफ़्रेम इंश्योरेंस (Hull Insurance)

यह बीमा स्वयं ड्रोन की सुरक्षा के लिए होता है।
यदि ड्रोन दुर्घटना, गिरने, पानी में डूबने, टक्कर, आग, या किसी तकनीकी फेलियर से क्षतिग्रस्त होता है—तो हुल इंश्योरेंस मरम्मत या रिप्लेसमेंट की लागत को कवर करता है।
महंगे सिनेमैटिक ड्रोन, सर्वे ड्रोन और इंडस्ट्रियल UAS के लिए यह बीमा बहुत उपयोगी है।

3. पेलोड इंश्योरेंस (Payload Insurance)

अगर आपके ड्रोन के साथ कैमरा, LIDAR, मल्टीस्पेक्ट्रल सेंसर, मैपिंग उपकरण या डिलीवरी पेलोड जुड़ा है, तो यह बीमा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
सर्वे कंपनियाँ और सिनेमैटिक प्रोडक्शन हाउस आमतौर पर इस बीमे का उपयोग करते हैं।

4. पर्सनल एक्सीडेंट कवर (Pilot Personal Accident Cover)

यह ड्रोन ऑपरेटर/पायलट की सुरक्षा के लिए होता है।
यदि हादसे में पायलट को चोट आती है, अस्थायी या स्थायी विकलांगता होती है या दुर्लभ मामलों में मृत्यु होती है—तो यह बीमा वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

5. साइबर/डेटा सुरक्षा बीमा (Cyber Liability & Data Loss Insurance)

2025 में BVLOS ड्रोन, AI-आधारित उड़ानें और क्लाउड-कनेक्टेड UTM सिस्टम बढ़ने के कारण साइबर सुरक्षा जोखिम भी बढ़े हैं।
यह बीमा ड्रोन हाईजैकिंग (hacking), डेटा चोरी, GPS स्पूफिंग, कमांड-एंड-कंट्रोल इंटरफेरेंस, या किसी साइबर हमले से होने वाले नुकसान को कवर करता है।

6. BVLOS ऑपरेशन कवर (BVLOS Expansion Insurance)

यदि आपका ड्रोन Beyond Visual Line of Sight उड़ता है—जैसे डिलीवरी, लॉन्ग-रेंज मैपिंग या सरविलांस—तो इसके लिए अलग विशेष पॉलिसी की आवश्यकता होती है। यह उन्नत जोखिमों को कवर करती है।

7. फ़्लीट इंश्योरेंस (Drone Fleet Insurance)

जिन कंपनियों के पास 5–100 या उससे अधिक ड्रोन होते हैं, जैसे—एग्री-टेक, डिलीवरी कंपनियाँ, सर्वे कंपनियाँ—वे एक ही पॉलिसी में पूरी फ़्लीट को कवर करा सकती हैं। इससे प्रीमियम काफी कम लागत पर मिलता है।

2025 में ड्रोन बीमा सिर्फ़ कानूनी अनिवार्यता नहीं, बल्कि हर ऑपरेटर के लिए आर्थिक और सुरक्षा दृष्टि से आवश्यक है। सही बीमा चुनकर आप न केवल नियमों का पालन करते हैं, बल्कि दुर्घटना, नुकसान और कानूनी दावों से भी सुरक्षित रहते हैं।

भारत में ड्रोन बीमा की लागत (Drone Insurance Cost India 2025)

प्रदाता (Provider)थर्ड-पार्टी न्यूनतम प्रीमियम (Third-Party Min Premium)हल एड-ऑन (₹50K ड्रोन के लिए) (Hull Add-On for ₹50K Drone)मुख्य सुविधाएँ (Key Perks)सबसे उपयुक्त उपयोग (Best For)
टाटा AIG (Tata AIG)₹3,500₹8,000तेज़ क्लेम, कृषि-तकनीक पर फोकसवाणिज्यिक कृषि / ऑपरेशंस
एचडीएफसी एर्गो (HDFC Ergo)₹2,800₹7,500पेलोड बंडल, डिजिटल ऐप सुविधासर्वे / फोटोग्राफी / सिनेमेटोग्राफी
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड (ICICI Lombard)₹4,000₹9,000फ्लीट डिस्काउंट, साइबर सुरक्षा एड-ऑनडिलीवरी / लॉजिस्टिक्स कंपनियाँ
इफ्को टोकियो (IFFCO Tokio)₹2,500₹6,500ग्रामीण सब्सिडी, तुरंत कोटेशनशौकिया उपयोग / किसान
ट्रोपोगो (TropoGo)₹2,200₹6,000ऑनलाइन तुरंत पॉलिसी, BVLOS कवरेजनए उपयोगकर्ता / आयातित ड्रोन

औसत लागत:

– छोटे ड्रोन: ₹2,000–₹5,000/वर्ष
– व्यावसायिक ड्रोन: ₹10,000–₹30,000/वर्ष

ड्रोन बीमा कैसे खरीदें? (How to Buy Drone Insurance India)

कदम 1: UIN/ड्रोन पंजीकरण सुनिश्चित करें

कदम 2: उपयोग केस तय करें

कदम 3: ऑनलाइन कोटेशन लें

कदम 4: पॉलिसी खरीदें

कदम 5: Digital Sky पर बीमा लिंक करें

ड्रोन बीमा क्लेम कैसे करें? (Drone Insurance Claim Process India)

– घटना के 24 घंटे में सूचित करें
– फोटो, वीडियो, फ्लाइट लॉग
– चोरी/चोट पर FIR
– 30 दिनों में अनिवार्य निपटान
– विवाद MACT में

बीमा न रखने पर दंड (Penalties for No Drone Insurance 2025)

– पहली गलती: ₹50,000 तक जुर्माना
– दोहराने पर: ₹1,00,000
– रेड ज़ोन दुर्घटना: 3 साल जेल
– बिना बीमा दुर्घटना: पूरी भरपाई अपनी जेब से

2025 में वास्तविक केस स्टडी

1. पंजाब–कृषि ड्रोन दुर्घटना

– हल बीमा ने 25 दिन में ₹35,000 दिया।

2. मुंबई–वेडिंग शूट ड्रोन दुर्घटना

– थर्ड-पार्टी बीमा ने ₹80,000 मुआवजा दिया।

3. बेंगलुरु–डिलीवरी ड्रोन हैकिंग

– साइबर ऐड-ऑन ने साइबर अटैक के शक पर पूरा क्लेम मंजूर किया।

भारत में ड्रोन बीमा अनिवार्यता पर पूछे गए सामान्य प्रश्न (FAQs)

Q.1: क्या 2025 सिविल ड्रोन बिल के तहत भारत में ड्रोन बीमा अनिवार्य है?
Ans: हाँ, ड्रोन बीमा अधिकतर संचालन के लिए अनिवार्य है। ड्राफ्ट सिविल ड्रोन बिल 2025 की धारा 9 के अनुसार सभी ड्रोन ऑपरेशंस के लिए थर्ड-पार्टी लाइबिलिटी बीमा अनिवार्य है। केवल नैनो (250 ग्राम से कम) जैसे कुछ वर्गों को छूट मिल सकती है।

Q.2: सिविल ड्रोन बिल 2025 क्या है?
Ans: ड्राफ्ट सिविल ड्रोन (प्रमोशन एंड रेगुलेशन) बिल 2025 भारत के ड्रोन नियमों का एक बड़ा सुधार है, जो 2021 के ड्रोन नियमों को बदलता है। यह सुरक्षा, बीमा, पंजीकरण और उद्योग विकास पर ध्यान केंद्रित करता है।

Q.3: 2025 में किन लोगों को ड्रोन बीमा लेना आवश्यक है?
Ans: व्यावसायिक ऑपरेटर, 250 ग्राम से बड़े ड्रोन वाले शौकिया उपयोगकर्ता, आयातक, विक्रेता और 500 किलोग्राम से कम वजन वाले किसी भी UAS को चलाने वाले सभी लोगों को बीमा लेना आवश्यक है। सैन्य ड्रोन इसमें शामिल नहीं हैं।

Q.4: क्या 2025 बिल में ड्रोन बीमा से कोई छूट भी है?
Ans: हाँ, नैनो ड्रोन (250 ग्राम से कम), सैन्य UAS, 500 किलोग्राम से अधिक वजन वाले ड्रोन और कुछ R&D प्रोटोटाइप को सरकार द्वारा अधिसूचना के माध्यम से छूट दी जा सकती है।

Q.5: 2025 सिविल ड्रोन बिल में 2021 नियमों की तुलना में मुख्य बदलाव क्या हैं?
Ans: मुख्य बदलावों में अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा, सार्वभौमिक UIN पंजीकरण, सख्त दंड (3 साल तक जेल), बेहतर एयरस्पेस जोनिंग और समर्पित मुआवजा ट्रिब्यूनल शामिल हैं।

Q.6: भारत में थर्ड-पार्टी ड्रोन बीमा क्या कवर करता है?
Ans: यह किसी व्यक्ति की चोट या मृत्यु (कम से कम ₹2.5 लाख), अन्य चोटों के लिए ₹1 लाख, और संपत्ति को हुए नुकसान को कवर करता है। यह सख्त दायित्व (Strict Liability) पर आधारित है, जिसमें गलती साबित नहीं करनी होती।

Q.7: 2025 में भारत में ड्रोन बीमा की कीमत कितनी होती है?
Ans: छोटे ड्रोन के लिए थर्ड-पार्टी बीमा ₹2,000–₹5,000 सालाना से शुरू होता है। बड़े व्यावसायिक ड्रोन के लिए यह ₹10,000–₹30,000 तक हो सकता है, जो वजन, उपयोग और लोकेशन पर निर्भर करता है।

Q.8: भारत में कौन-कौन से प्रकार के ड्रोन बीमा उपलब्ध हैं?
Ans: थर्ड-पार्टी लाइबिलिटी, हुल (ड्रोन बॉडी) बीमा, पेलोड बीमा, पायलट पर्सनल एक्सीडेंट बीमा और साइबर लाइबिलिटी या BVLOS एक्सटेंशन जैसे ऐड-ऑन शामिल हैं।

Q.9: 2025 में भारत में ऑनलाइन ड्रोन बीमा कैसे खरीदें?
Ans: अपनी जरूरतें तय करें, टाटा AIG, HDFC Ergo आदि जैसी कंपनियों से ऑनलाइन कोट लें, DGCA-अनुमोदित पॉलिसी चुनें, ऑनलाइन भुगतान करें और अपनी UIN पर इसे डिजिटल स्काई में लिंक करें।

Q.10: बीमा न लेने पर 2025 बिल में क्या दंड हैं?
Ans: दंड में ₹50,000 से शुरू होने वाले जुर्माने, गंभीर मामलों में ₹1 लाख जुर्माना और 3 साल तक की जेल शामिल है। साथ ही ड्रोन संचालन सस्पेंड भी किया जा सकता है।

Q.11: क्या शौकिया उपयोगकर्ताओं को भी ड्रोन बीमा लेना जरूरी है?
Ans: हाँ, 250 ग्राम से बड़े सभी शौकिया ड्रोन उपयोगकर्ताओं के लिए कम से कम थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य है। नैनो ड्रोन को छूट मिल सकती है।

Q.12: 2025 में ड्रोन बीमा क्लेम कैसे करें?
Ans: घटना के 24 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचित करें, फोटो, पुलिस FIR (यदि आवश्यक), फ्लाइट लॉग और अन्य दस्तावेज जमा करें। क्लेम 30 दिनों के भीतर निपटाया जाना चाहिए।

Q.13: 2025 में भारत के प्रमुख ड्रोन बीमा प्रदाता कौन हैं?
Ans: टाटा AIG (कृषि हेतु श्रेष्ठ), HDFC Ergo (पेलोड बंडल), ICICI Lombard (फ्लीट डिस्काउंट), IFFCO Tokio (ग्रामीण उपयोग), TropoGo (इंस्टेंट ऑनलाइन कोट) प्रमुख प्रदाता हैं।

Q.14: भारत में ड्रोन बीमा पर पैसे कैसे बचाएं?
Ans: मल्टी-ईयर पॉलिसी (10% छूट), प्रमाणित पायलट बनना (15% छूट), कम जोखिम वाले क्षेत्रों में उड़ान, बिजनेस बीमा के साथ बंडल, और ग्रीन ड्रोन के लिए GST रियायतें उपयोगी हैं।

Q.15: 2025 के बाद भारत में ड्रोन बीमा में क्या भविष्य के ट्रेंड दिख रहे हैं?
Ans: AI आधारित जोखिम मूल्यांकन से प्रीमियम में 20% कमी, साइबर बीमा की बढ़ती मांग, NaMo Drone Didi जैसी योजनाओं से महिलाओं के लिए सब्सिडी, और 2030 तक बाजार के ₹500 करोड़ तक पहुंचने की संभावना।

Q.16: क्या भारत में इम्पोर्टेड ड्रोन के लिए भी बीमा अनिवार्य है?
Ans: हाँ, यदि ड्रोन का उपयोग संचालन के लिए होता है तो पंजीकरण और बीमा दोनों अनिवार्य हैं। DGCA टाइप सर्टिफिकेशन और थर्ड-पार्टी बीमा जरूरी है।

Q.17: 2025 बिल के तहत DGCA की क्या भूमिका है?
Ans: DGCA बीमा अनुपालन की जांच करता है, डिजिटल स्काई से डेटा मिलाता है, दंड लागू करता है और न्यूनतम कवरेज मानकों को निर्धारित करता है।

Q.18: क्या विदेशी पर्यटक भारत में बिना बीमा के ड्रोन उड़ा सकते हैं?
Ans: नहीं, विदेशी पर्यटकों को अस्थायी बीमा और UIN पंजीकरण कराना अनिवार्य है, तभी वे भारत में ड्रोन उड़ा सकते हैं।

Q.19: 2025 बिल का व्यावसायिक ड्रोन ऑपरेटरों पर क्या प्रभाव है?
Ans: फुल इंश्योरेंस कवरेज, सख्त प्रमाणन, ट्रैफिक मैनेजमेंट आवश्यकताएँ बढ़ीं, लेकिन R&D छूट और विदेशी स्वीकृतियों से उद्योग के 2030 तक लगभग USD 4.84 बिलियन होने की संभावना है।

Q.20: ड्रोन बीमा क्लेम के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होते हैं?
Ans: घटना की तस्वीरें, फ्लाइट लॉग, पुलिस FIR (चोरी/चोट के मामलों में), मरम्मत का अनुमान और पॉलिसी का प्रमाण—सभी समय पर जमा करने होते हैं ताकि क्लेम जल्दी प्रोसेस हो सके।

निष्कर्ष: 2025 में ड्रोन उड़ाना है तो बीमा करवाना अनिवार्य है

2025 में भारत के ड्रोन इकोसिस्टम में सबसे बड़ा बदलाव यही है कि अब ड्रोन उड़ाना सिर्फ़ एक शौक या व्यवसाय नहीं रहा—यह एक जिम्मेदारी है, जिसमें सुरक्षा, कानूनी पालन और आर्थिक जोखिम प्रबंधन तीनों शामिल हैं। Civil Drone Bill 2025 ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत में ड्रोन उड़ाने वाले हर ऑपरेटर को बीमा करवाना होगा, चाहे वह शौकिया पायलट हो, एक यूट्यूबर हो, सर्वे कंपनी हो, एग्री-टेक स्टार्टअप हो, या बड़े पैमाने पर ड्रोन आधारित सेवाएँ देने वाला कोई उद्यम।

इस बिल का उद्देश्य केवल दंड देना या नियम कड़े करना नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित और भरोसेमंद ड्रोन वातावरण बनाना है जहाँ दुर्घटनाओं और दायित्वों को पेशेवर तरीके से संभाला जा सके। भारत में पिछले कुछ वर्षों में ड्रोन दुर्घटनाओं, डेटा-सुरक्षा घटनाओं और प्रॉपर्टी डैमेज के मामले धीरे-धीरे बढ़े हैं। इन सब परिस्थितियों में थर्ड-पार्टी लाइबिलिटी बीमा एक ऐसा सुरक्षा कवच बन जाता है जो न सिर्फ़ पीड़ित को मुआवजा दिलाता है बल्कि ऑपरेटर को आर्थिक बर्बादी से भी बचाता है।

2025 बिल में “सख्त दायित्व” (Strict Liability) लागू होने का मतलब यह है कि यदि आपके ड्रोन से किसी को नुकसान पहुँचता है तो आपको दोषी माना जाएगा—चाहे गलती आपकी हो या न हो। ऐसे में बीमा न होने पर लाखों रुपये तक का नुकसान आपकी जेब से जा सकता है। यही कारण है कि सरकार ने बीमा को केवल अनुशंसा नहीं बल्कि कानूनी अनिवार्यता बना दिया है।

साथ ही, बीमा खरीदने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, डिजिटल KYC, UIN इंटीग्रेशन और कम प्रीमियम ने इसे सभी के लिए सुलभ बना दिया है। छोटे ड्रोन के लिए बीमा सालाना 2,000–5,000 रुपये में मिल जाता है, जो कि किसी भी दुर्घटना की तुलना में बेहद कम लागत है।

अंततः, 2025 में ड्रोन उड़ाना तभी सुरक्षित, जिम्मेदार और कानूनी माना जाएगा, जब आप बीमा के साथ ऑपरेशन करें। ड्रोन उड़ाने का आनंद वही ले सकता है जो जोखिमों को समझकर खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखे। इसलिए—
अगर 2025 में ड्रोन उड़ाना है, तो बीमा करवाना पूरी तरह अनिवार्य, समझदारी भरा और भविष्य-सुरक्षित कदम है।


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